ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को न्याय के देवता और कर्म के परिणाम देने वाला ग्रह माना गया है. कहा जाता है कि जो व्यक्ति अच्छे कर्म करता है, उसे शुभ फल मिलता है और जो बुरे कर्म करता है, उसे शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. साल 2025 अब खत्म होने वाला है और नए साल 2026 के आगमन के साथ ही लाखों लोग यह जानना चाहेंगे कि उनकी राशि पर शनि का क्या प्रभाव रहेगा.
लखनऊ के ज्योतिषाचार्य डॉ. उमाशंकर मिश्र के अनुसार, शनि ने मार्च 2025 में मीन राशि में गोचर किया था. इसके बाद मेष राशि वालों पर साढ़ेसाती का पहला चरण, मीन राशि वालों पर दूसरा चरण और कुंभ राशि वालों पर तीसरा चरण शुरू हुआ. शनि मीन राशि में ही रहेगा, इसलिए मेष, मीन और कुंभ राशियों पर साढ़ेसाती का प्रभाव साल 2026 में भी बना रहेगा. वहीं सिंह और धनु राशि वालों पर शनि की ढैय्या का असर जारी रहेगा.
साढ़ेसाती और ढैय्या के दौरान व्यक्ति की मेहनत बढ़ जाती है, अचानक रुकावटें आती हैं और मानसिक दबाव महसूस हो सकता है. हालांकि, सही उपाय और सकारात्मक सोच से यह समय आसान बन सकता है.
मेष राशि वालों के लिए साल 2026 मेहनत और धैर्य की परीक्षा जैसा रहेगा. आर्थिक दबाव और परिवार में तनाव बने रह सकते हैं, लेकिन मेहनत का फल निश्चित रूप से मिलेगा.
उपाय
- शनिवार को सरसों का तेल दान करें.
- शनि मंदिर में पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं.
- बजरंग बाण या हनुमान चालीसा का पाठ करें.
- जरूरतमंदों की सेवा करें.
मीन राशि – साढ़ेसाती का दूसरा चरण
मीन राशि वालों के लिए यह साल बदलाव और नए अवसरों का रहेगा. काम और निजी जीवन में जिम्मेदारियां बढ़ेंगी, मानसिक थकान रह सकती है.
उपाय
- शनिवार को काली उड़द दान करें.
- महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें.
- जरूरतमंदों को चप्पल, कपड़े या शनि से जुड़ी चीजें दान करें.
कुंभ राशि – साढ़ेसाती का अंतिम चरण
कुंभ राशि वालों के लिए पिछले सालों की चुनौतियों के बाद 2026 में राहत के संकेत हैं. रुके हुए काम आगे बढ़ेंगे और आर्थिक स्थिति सुधारने लगेगी.
उपाय
- शनिवार को तिल या तेल का दीपक जलाएं.
- लोहे की कोई छोटी वस्तु साथ रखें.
- काले कुत्ते को रोटी खिलाएं.
सिंह और धनु राशि – शनि की ढैय्या
सिंह और धनु राशि वालों के लिए यात्रा और खर्च बढ़ सकते हैं. आर्थिक बोझ और स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत होगी.
उपाय
- हनुमान जी को सिंदूर और तेल अर्पित करें.
- शनिवार को काले तिल का दान करें और शनि स्तोत्र का पाठ करें.
- जरूरतमंदों की मदद करें.
- शनिवार को नीले या काले कपड़े न पहनें.
- पिता तुल्य व्यक्तियों का आशीर्वाद लें.
