हरिद्वार, 17 जुलाई 2026। उत्तराखंड संस्कृत संस्थान में लोकपर्व हरेला हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर संस्कृत शिक्षा विभाग के सचिव दीपक कुमार ने संस्थान परिसर में फलदार वृक्षों का रोपण किया और परिसर का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए।
सचिव दीपक कुमार ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को हरेला पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को वर्ष में कम से कम एक वृक्ष अवश्य लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वृक्ष प्रकृति का श्रृंगार हैं और प्रकृति हमारी अमूल्य धरोहर है, जिसका संरक्षण हम सभी का दायित्व है।
इस दौरान उन्होंने संस्थान के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की बैठक लेकर आगामी वर्ष की प्रतियोगिताओं, शोध सम्मेलनों, प्रकाशन कार्यों तथा संस्कृत मास की विस्तृत कार्ययोजना शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने संस्कृत के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित भाव से कार्य करने पर जोर दिया।
संस्थान के नवनियुक्त सचिव प्रो. विनय कुमार विद्यालंकार ने सचिव दीपक कुमार का स्वागत करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों के साथ समन्वय से उत्तराखंड की द्वितीय राजभाषा संस्कृत को उचित सम्मान और प्रतिष्ठा दिलाने के प्रयास निरंतर जारी हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि संस्थान का पूरा परिवार सरकार की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेगा।
इस अवसर पर शोध अधिकारी डॉ. हरीश चंद्र गुरुरानी, प्रकाशन अधिकारी किशोरी लाल रतूड़ी, सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष रमा कठैत सहित संस्थान के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
