समावेशी शिक्षा मिशन-2030 का शुभारंभ, विशेष बच्चों के लिए विजुअल लर्निंग सामग्री का विमोचन,मुख्यमंत्री बोले: हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा पहुंचाना सरकार का लक्ष्य।
देहरादून 19 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को राजपुर रोड स्थित एक निजी होटल में शाइन अवी लर्निंग के “समावेशी शिक्षा मिशन-2030” का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए विजुअल लर्निंग करिकुलम पर आधारित विभिन्न पुस्तकों एवं शिक्षण सामग्री का भी विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शाइन अवी लर्निंग की यह पहल शिक्षा को अधिक सरल, प्रभावी और समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार ने शिक्षा को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा लागू की गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उद्देश्य बच्चों को केवल पढ़ाना ही नहीं, बल्कि उन्हें समझने, सोचने, नवाचार करने और आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ने योग्य बनाना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है। प्रदेश में स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, पीएम श्री विद्यालय, अटल उत्कृष्ट विद्यालय, डिजिटल शिक्षण सामग्री तथा विज्ञान एवं नवाचार आधारित शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। समावेशी शिक्षा को हर बच्चे तक पहुंचाने के लिए विद्यालयों में रैंप, रेलिंग, सुगम शौचालय, अनुकूलित फर्नीचर और स्वच्छ पेयजल जैसी सुविधाओं को सुदृढ़ किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में लगभग 5,800 विशेष आवश्यकता वाले बच्चे विभिन्न स्तरों पर विद्यालयों में पंजीकृत हैं। सरकार द्वारा संचालित 11 विशेष विद्यालयों के माध्यम से 1,300 से अधिक बच्चों को विशेष शिक्षण एवं पुनर्वास संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक एवं माध्यमिक स्तर पर 300 से अधिक विशेष शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है तथा शेष रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य समावेशी एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है, ताकि राज्य का प्रत्येक बच्चा अपनी पूर्ण क्षमता के साथ आगे बढ़ सके और विकसित भारत के निर्माण में योगदान दे सके। बच्चों को केवल परीक्षा के लिए नहीं, बल्कि जीवन के लिए तैयार करना हमारी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने शिक्षाविद् श्रीमती अनीता शर्मा एवं शाइन अवी लर्निंग की पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्रीमती अनीता ने विदेश से रिवर्स पलायन कर उत्तराखंड में शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार का सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि यह पहल अन्य प्रवासियों के लिए भी प्रेरणास्रोत है। पिछले कुछ वर्षों में अनेक प्रवासियों ने अपने गांव लौटकर कार्य करने की इच्छा जताई है और कई लोग इस दिशा में कार्य भी कर रहे हैं। हमें अपनी विरासत और संस्कृति को संरक्षित करते हुए आगे बढ़ाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड पूरे देश के लोगों को आत्मसात करने वाला राज्य है। यहां व्यक्ति का मूल्यांकन उसकी सोच और कार्यों के आधार पर होता है। अनेक चुनौतियों के बावजूद राज्य निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड कई क्षेत्रों में पूरे देश के लिए उदाहरण बना है। राज्य ने सबसे पहले समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की, सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की रैंकिंग में प्रथम स्थान प्राप्त किया तथा सख्त नकल विरोधी कानून जैसे महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए हैं। इस अवसर पर विधायक मुन्ना सिंह चौहान, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, मीडिया सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष धीरेंद्र पंवार, अनीता शर्मा, रमेश भट्ट, सुधीर नौटियाल, पी.सी. नैनवाल, मनोज पंत सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।