देहरादून, 8 जून 2026। नगर निगम देहरादून ने शहर की कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। सोमवार को नगर निगम सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडेय ने डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।
बैठक में नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि नगर निगम से जुड़े किसी भी कर्मचारी या स्वयं सहायता समूह (एसएसजी) की महिला द्वारा नागरिकों से यूजर चार्ज का भुगतान निजी खाते में स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी भुगतान केवल नगर निगम द्वारा अधिकृत क्यूआर कोड एवं मशीनों के माध्यम से ही लिए जाएंगे। उन्होंने राजस्व संग्रहण में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
नगर आयुक्त ने कहा कि शुल्क प्राप्त होने के बाद प्रत्येक उपभोक्ता को अनिवार्य रूप से रसीद उपलब्ध कराई जाए तथा उसकी कार्बन कॉपी सुरक्षित रखी जाए। साथ ही उपभोक्ताओं का मोबाइल नंबर, पता और वार्ड संबंधी जानकारी सही ढंग से दर्ज करने तथा किसी भी प्रकार की ओवरराइटिंग से बचने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक के दौरान एसएसजी महिलाओं ने फील्ड में पहचान और अधिकारों से जुड़ी समस्याएं उठाईं। इस पर नगर आयुक्त ने सभी एसएसजी कार्यकर्ताओं को शीघ्र आई-कार्ड और कैप उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे कार्यकर्ताओं की पहचान सुनिश्चित होगी और नागरिकों के बीच उनकी विश्वसनीयता बढ़ेगी।
कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए नगर निगम ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए एसएसजी महिलाओं को भी चालान प्रक्रिया से जोड़ने का फैसला किया है। नगर आयुक्त ने कहा कि कूड़ा प्रबंधन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी और इसके लिए एसएसजी समूहों को आवश्यक प्रशिक्षण एवं अधिकार दिए जाएंगे।
बैठक में गीले और सूखे कचरे के नियमित संग्रहण को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए। इसके साथ ही पेड़ों की टहनियों, पत्तों और उद्यान अपशिष्ट के निस्तारण के लिए नगर निगम द्वारा संचालित अलग वाहनों की व्यवस्था के बारे में नागरिकों को जागरूक करने पर भी जोर दिया गया।
नगर आयुक्त ने सेनेट्री इंस्पेक्टर्स के लिए ड्रेस कोड लागू करने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे फील्ड में उनकी पहचान स्पष्ट होगी तथा कार्यप्रणाली में अनुशासन और जवाबदेही बढ़ेगी।
