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गणेश गोदियाल के नेतृत्व में उत्तराखंड के सैकड़ों नेताओं और कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की उठाई मांग।
नई दिल्ली, 12 अक्टूबर 2026। ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान के तहत कांग्रेस ने सोमवार को नई दिल्ली में सर्वोच्च न्यायालय की ओर मार्च कर निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ प्रदर्शन किया। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में प्रदेश के सैकड़ों नेताओं, विधायकों, पूर्व विधायकों और कार्यकर्ताओं ने मार्च में भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग करते हुए मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने तथा चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार के कार्यकाल में संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना निर्वाचन आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी है। मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों और पात्र मतदाताओं के नाम काटे जाने से जुड़े सवालों का संतोषजनक जवाब मिलना चाहिए। गोदियाल ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि राहुल गांधी के आह्वान पर चलाया जा रहा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान प्रत्येक नागरिक के मताधिकार और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा से जुड़ा है। वहीं, कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने उत्तराखंड में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने की शिकायतों पर पारदर्शी कार्रवाई होनी चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस नागरिकों के मताधिकार से खिलवाड़ नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि मताधिकार की सुरक्षा लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है। चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत ने चेतावनी दी कि यदि निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की गई और विपक्ष के सवालों का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
मार्च में उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, विधायक विक्रम सिंह नेगी, लखपत बुटोला और फुरकान अहमद समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘लोकतंत्र की हत्या बंद करो’, ‘संविधान का सम्मान करो’ और ‘मताधिकार की रक्षा करो’ जैसे नारे लगाए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची की शुचिता और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर उठ रहे सवालों का समाधान होने तक पार्टी अपना लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रखेगी।
