देहरादून 2 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मसूरी के शहीद स्थल झूलाघर में उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान शहीद हुए आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम को मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष, तप, त्याग और बलिदान से उत्तराखंड राज्य गठन का सपना साकार हुआ। वर्ष 1994 में मसूरी में खटीमा गोलीकांड के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों पर हुई गोलीबारी को याद करते हुए उन्होंने कहा कि शहीदों का बलिदान हर उत्तराखंडवासी की स्मृतियों में हमेशा जीवित रहेगा। नई पीढ़ी को राज्य आंदोलन के संघर्ष और इतिहास से परिचित कराना सभी की जिम्मेदारी है।
धामी ने कहा कि राज्य सरकार आंदोलनकारियों के सम्मान और कल्याण के लिए कई कदम उठा रही है। आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है, जबकि इसका दायरा बढ़ाकर चिह्नित आंदोलनकारियों की परित्यक्ता, विधवा और तलाकशुदा पुत्रियों को भी इसमें शामिल किया गया है। 98 आंदोलनकारियों को राजकीय सेवा में सेवायोजित किया गया है।
उन्होंने बताया कि शहीद आंदोलनकारियों के परिवारों की पेंशन 3 हजार से बढ़ाकर 5,500 रुपये, जेल गए और घायल आंदोलनकारियों की पेंशन 7 हजार तथा सक्रिय आंदोलनकारियों की पेंशन 5,500 रुपये प्रतिमाह की गई है। पूर्णतः शय्याग्रस्त दिव्यांग आंदोलनकारियों की पेंशन 30 हजार रुपये की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, समान नागरिक संहिता, सख्त नकल विरोधी कानून और कठोर भू-कानून जैसे महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। बीते पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड की अस्मिता की रक्षा, रोजगार के अवसर बढ़ाना और पलायन रोकना है।
