हरिद्वार 18 जुलाई 2026। उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में उत्तराखंड के लोक पर्व हरेला को उत्साह एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। पर्यावरण संरक्षण को समर्पित इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रमाकांत पाण्डेय एवं उत्तराखंड शासन के संस्कृत शिक्षा सचिव दीपक कुमार गैरोला ने विश्वविद्यालय परिसर में रुद्राक्ष सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया।





इस अवसर पर कुलसचिव, विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं ने भी पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
वृक्षारोपण के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. रमाकांत पाण्डेय ने कहा कि हरेला केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी कृतज्ञता का प्रतीक है। उत्तराखंड की संस्कृति में वृक्षों को देवतुल्य माना गया है। उन्होंने कहा कि संस्कृत विश्वविद्यालय का दायित्व केवल ज्ञान का प्रसार करना ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक करना भी है। यदि आज प्रत्येक व्यक्ति एक पौधा लगाए और उसका संरक्षण करे, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, शुद्ध जल और हरित वातावरण मिलेगा। उन्होंने कहा कि संस्कृत साहित्य में भी वृक्षों और प्रकृति के महत्व का व्यापक वर्णन मिलता है।
बीएड विभागाध्यक्ष डॉ. प्रकाश चंद्र पंत ने एक पौराणिक संस्कृत श्लोक का उल्लेख करते हुए कहा कि संस्कृत परंपरा में एक वृक्ष को दस पुत्रों के समान माना गया है, जो पर्यावरण संरक्षण के महत्व को दर्शाता है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित संस्कृत शिक्षा सचिव दीपक कुमार गैरोला ने भी रुद्राक्ष का पौधा लगाकर सभी से कम से कम एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने सभी को हरेला पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हरियाली ही स्वस्थ जीवन का आधार है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को प्रत्येक व्यक्ति को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए। इस दौरान विश्वविद्यालय परिसर में हरेला गीतों के साथ वैदिक मंत्रोच्चार भी किया गया।
कार्यक्रम के बाद संस्कृत शिक्षा सचिव दीपक कुमार गैरोला ने उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में निर्माणाधीन पांच मंजिला बालिका छात्रावास का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि छात्रावास का निर्माण कार्य 31 जुलाई 2026 तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए, ताकि इसी शैक्षणिक सत्र से छात्राओं को छात्रावास की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
निरीक्षण के दौरान कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर, कुलपति प्रो. रमाकांत पाण्डेय, कुलसचिव दिनेश कुमार सहित विश्वविद्यालय के डीन, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में कुलसचिव दिनेश कुमार, वरिष्ठ आचार्य प्रो. मोहन बलोदी, प्रो. दिनेश चमोला, योग विभागाध्यक्ष प्रो. लक्ष्मीनारायण जोशी, बीएड विभागाध्यक्ष डॉ. प्रकाश चंद्र पंत, संस्कृत अकादमी के सचिव प्रो. विनय कुमार विद्यालंकार, डॉ. कामाख्या कुमार, सहायक कुलसचिव सुनील कुमार, शोध अधिकारी डॉ. महेश ध्यानी, निजी सचिव मनोज गहतोड़ी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
