67 योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास, विकास के लिए कीं नौ घोषणाएं।
सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन, सुविधाओं और रोजगार को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री।
पिथौरागढ़ 25 अक्टूबर 2026।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को पिथौरागढ़ में 284 करोड़ रुपये से अधिक की 67 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें 105.30 करोड़ रुपये की 33 योजनाओं का लोकार्पण और 178.76 करोड़ रुपये की 34 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। मुख्यमंत्री ने जनपद के विकास के लिए नौ महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। इस दौरान विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के लाभार्थियों को एक करोड़ रुपये से अधिक के चेक वितरित किए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सीमांत क्षेत्रों में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर काम कर रही है। आदि कैलाश यात्रा में बढ़ते श्रद्धालुओं की संख्या से होमस्टे, परिवहन और स्थानीय उत्पादों से जुड़े लोगों को लाभ मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ में 750 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित हो रहे मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। वहीं, नैनीसैनी हवाई अड्डे को लगभग 450 करोड़ रुपये की लागत से विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। पिथौरागढ़ से मुनस्यारी, हल्द्वानी, दिल्ली और देहरादून तक हवाई संपर्क को भी बढ़ावा दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पारदर्शी भर्ती व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। अब तक 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए लखपति दीदी सहित कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने डीडीहाट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को उप जिला चिकित्सालय बनाने, मवानी के अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उच्चीकृत करने, मूनाकोट में राजकीय महाविद्यालय स्थापित करने, अस्कोट लिफ्ट पेयजल योजना और विभिन्न सड़कों के सुधारीकरण सहित नौ घोषणाएं कीं।
कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा, विधायक बिशन सिंह चुफाल, फकीर राम टम्टा सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने सीमांत नेत्र चिकित्सालय में ऑप्टिकल बायोमीटर का शुभारंभ किया, जिससे मरीजों को बेहतर नेत्र चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।
