देहरादून 10 सितंबर 2026। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के हल्द्वानी दौरे पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा अध्यक्ष को कांग्रेस और राहुल गांधी पर टिप्पणी करने के बजाय पहले अपनी पार्टी के भीतर की गुटबाजी और कार्यकर्ताओं की नाराजगी का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि नितिन नवीन उत्तराखंड की जनता के सवालों का जवाब देने नहीं, बल्कि भाजपा के भीतर फैले ‘रायते’ को समेटने हल्द्वानी आए हैं।
आर्य ने कहा कि यदि भाजपा संगठन और सरकार में सब कुछ ठीक है तो राष्ट्रीय अध्यक्ष को बार-बार उत्तराखंड आकर नेताओं की नाराजगी और कार्यकर्ताओं के असंतोष को संभालने की जरूरत क्यों पड़ रही है। उन्होंने कहा कि बंद कमरों में बैठकें कर ‘सब ठीक है’ का प्रमाणपत्र देने से जमीनी हकीकत नहीं बदल सकती।
हल्द्वानी में खड़गे की रैली से जुड़े कथित शुद्धिकरण विवाद पर भी आर्य ने भाजपा को घेरा। उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि उत्तराखंड की साझा संस्कृति, सामाजिक सम्मान और भाईचारे का सवाल है। भगवान राम के आदर्शों का हवाला देते हुए उन्होंने पूछा कि रामलीला के मंच पर ‘शुद्धिकरण’ के नाम पर भेदभाव की नौबत क्यों आई।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश का युवा रोजगार, आम आदमी महंगाई, पहाड़ पलायन तथा मरीज स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सवाल पूछ रहे हैं, लेकिन भाजपा जनता के मुद्दों का जवाब देने के बजाय बैठकों में व्यस्त है। उन्होंने कहा कि भाजपा चाहे दिल्ली से कितने भी बड़े नेता बुला ले, जनता के सवालों से नहीं भाग सकती।
आर्य ने कहा कि भाजपा अध्यक्ष संगठन का हिसाब लेने हल्द्वानी आए हैं, लेकिन अब जनता भाजपा से पांच साल के काम का हिसाब मांग रही है। कांग्रेस रोजगार, महंगाई, पलायन, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सम्मान से जुड़े मुद्दों को सदन से सड़क तक उठाती रहेगी।
