संस्कृत शिक्षा सचिव दीपक कुमार ने किया संस्थानों का दौरा, पाठ्यक्रम, शोध और डॉक्यूमेंट्री निर्माण पर हुई चर्चा
देहरादून/पुणे 27 जुलाई 2026।
उत्तराखंड सरकार के संस्कृत शिक्षा सचिव दीपक कुमार ने पुणे स्थित फिल्म एंड टेलीविज़न इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया (FTII) और भंडारकर ओरिएंटल रिसर्च इंस्टीट्यूट (BORI) का दौरा कर संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार, शोध एवं शैक्षणिक सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण बैठकें कीं।

एफटीआईआई में वाइस-चांसलर प्रो. धीरज सिंह, प्रो. प्रतीक जैन, प्रो. संतोष ओझा और प्रो. मिलिंद दामले के साथ हुई बैठक में संस्थान के पाठ्यक्रम में संस्कृत को शामिल करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। नाट्यशास्त्र जैसे प्राचीन ग्रंथों पर आधारित अध्ययन सामग्री को व्याख्यान सत्रों के माध्यम से पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने का सुझाव दिया गया। साथ ही, डेक्कन कॉलेज और उत्तराखंड संस्कृत संस्थानम के सहयोग से संस्कृत विषय पर डॉक्यूमेंट्री निर्माण तथा भविष्य में समझौता ज्ञापन (MoU) कर संयुक्त शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियां संचालित करने पर भी सहमति बनी।
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने भंडारकर ओरिएंटल रिसर्च इंस्टीट्यूट (BORI) का दौरा किया। संस्थान के रजिस्ट्रार डॉ. श्रीनंद बापट ने संस्थान में संरक्षित 28 हजार पांडुलिपियों के समृद्ध संग्रह तथा 22 हजार पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण की जानकारी दी। बैठक में मंत्र चिकित्सा, प्रज्ञाचक्षु व्यक्तियों के लिए शिक्षा, ‘तीर्थावली’ तथा भारत रत्न महामहोपाध्याय डॉ. पी. वी. काणे की प्रसिद्ध कृति धर्मशास्त्र का इतिहास पर चर्चा हुई। साथ ही, इन्फोसिस फाउंडेशन द्वारा वित्तपोषित विभिन्न शोध परियोजनाओं की भी जानकारी साझा की गई।
इस दौरे को उत्तराखंड और देश के प्रमुख शैक्षणिक एवं शोध संस्थानों के बीच संस्कृत शिक्षा, अनुसंधान और सांस्कृतिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
