रामपुर 2 अक्टूबर 2026।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को रामपुर तिराहा, मुजफ्फरनगर स्थित शहीद स्थल पर राज्य आंदोलन के अमर बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान को नमन किया।









मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य आंदोलन में शहीद हुए जिन आंदोलनकारियों की प्रतिमाएं अब तक स्थापित नहीं हुई हैं, उनकी प्रतिमाएं उनके पैतृक गांव या निवास क्षेत्र में उपयुक्त स्थान पर स्थापित की जाएंगी। रामपुर तिराहा स्थित राज्य अतिथि गृह का उच्चीकरण, पुस्तकालय को ई-लाइब्रेरी में विकसित करने और संग्रहालय के विस्तार की भी घोषणा की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संग्रहालय में उत्तराखंड के पारंपरिक वाद्य यंत्रों, वेशभूषा और लोक संस्कृति से जुड़ी सामग्री को शामिल किया जाएगा। राज्य आंदोलनकारियों के पुनः चिन्हीकरण की प्रक्रिया भी जल्द पूरी की जाएगी।
उन्होंने कहा कि 1 और 2 अक्टूबर 1994 की रात रामपुर तिराहा में आंदोलनकारियों के साथ हुई घटना उत्तराखंड राज्य आंदोलन का बेहद पीड़ादायक अध्याय है। आंदोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान के परिणामस्वरूप ही उत्तराखंड अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में आया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों के हितों के लिए लगातार काम कर रही है। रामपुर तिराहा कांड के शहीदों की प्रतिमाओं की स्थापना के लिए 27 लाख रुपये की धनराशि भी अवमुक्त की गई है।
उन्होंने कहा कि शहीदों और आंदोलनकारियों के सपनों के अनुरूप उत्तराखंड को सशक्त और समृद्ध बनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
