देहरादून 11 सितंबर 2026।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में हरिद्वार स्थित मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान, ऋषिकुल के समग्र विकास से संबंधित प्रस्तावित मास्टर प्लान की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि ऋषिकुल को आयुर्वेद, योग और भारतीय ज्ञान परंपरा के विशिष्ट केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। इसमें आयुर्वेद, मेडिकल टूरिज्म, योग, ज्योतिष और वैदिक गणित को विशेष प्राथमिकता दी जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थान में उच्च स्तरीय शैक्षणिक, शोध और अध्ययन की सुविधाएं विकसित की जाएं, ताकि भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक शोध के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके। परिसर का स्वरूप प्राच्य एवं पारंपरिक स्थापत्य शैली पर आधारित हो, जबकि सुविधाएं आधुनिकतम हों।
उन्होंने निर्देश दिए कि ऋषिकुल के विकास में हरिद्वार की धार्मिक और आध्यात्मिक पहचान को भी प्रमुखता दी जाए। परियोजना के सभी कार्य चरणबद्ध और समयबद्ध तरीके से दो वर्ष के भीतर पूरे किए जाएं और इसकी नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए।
बैठक में मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव धीराज गर्ब्याल, दीपक कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
