चेन्नई 8 सितंबर 2026। चेन्नई में मंगलवार को आयोजित ‘इंडिया इंटरनेशनल फिल्म टूरिज्म कॉन्क्लेव-साउथ’ में उत्तराखंड की फिल्म नीति और खूबसूरत शूटिंग लोकेशंस को प्रस्तुत किया गया। कॉन्क्लेव में देश-विदेश के फिल्ममेकर्स, प्रोड्यूसर्स और फिल्म कमीशन के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया।
उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के नोडल अधिकारी के.एस. चौहान ने राज्य की फिल्म नीति और शूटिंग की संभावनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फिल्म निर्माताओं को 3 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी, ऑनलाइन अनुमति और सिंगल विंडो सिस्टम के तहत सात दिन में शूटिंग की अनुमति दी जा रही है। शूटिंग शुल्क माफ करने के साथ सुरक्षा व्यवस्था और जीएमवीएन-केएमवीएन गेस्ट हाउसों में विशेष छूट भी दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में हर साल 200 से अधिक फिल्मों, वेब सीरीज और धारावाहिकों की शूटिंग हो रही है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, विविध भौगोलिक परिस्थितियों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को देखते हुए उत्तराखंड को फिल्म शूटिंग हब बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
कॉन्क्लेव के दौरान तमिल फिल्म इंडस्ट्री के कई प्रोड्यूसर्स और डायरेक्टर्स के साथ वन-टू-वन बैठकें हुईं। इंडिया टॉकीज, स्टोन बीच स्टूडियो, लाइका प्रोडक्शंस, मसाला पिक्स, कवि क्रिएशन्स और ड्रीम वारियर पिक्चर्स सहित कई प्रोडक्शन हाउस ने उत्तराखंड में शूटिंग में रुचि दिखाई। आयोजन से राज्य में फिल्म निर्माण के साथ फिल्म टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।



