देहरादून, 25 सितंबर 2026। भारत निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस ने शुक्रवार को देहरादून में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से सचिवालय स्थित निर्वाचन कार्यालय तक मार्च निकाला और कार्यालय का घेराव किया।
प्रदर्शन में प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, सीडब्ल्यूसी सदस्य करन माहरा, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा समेत कई वरिष्ठ नेता और विधायक शामिल हुए।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला भी दहन किया। इसके बाद राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी सदर को सौंपा गया।
कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों निर्वाचन आयुक्तों को तत्काल पद से हटाने, पूर्व में लिए गए फैसलों की समीक्षा एवं निरस्तीकरण तथा नए निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति की मांग की। पार्टी ने निर्वाचन आयोग पर SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए।
कांग्रेस का आरोप है कि उत्तराखंड में SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाने के लिए फार्म-7 दाखिल किए जा रहे हैं। पार्टी ने मांग की कि विधानसभा और बूथवार फार्म-7 का विवरण सार्वजनिक किया जाए और असामान्य संख्या में आपत्तियां दाखिल करने वाले लोगों की जांच कराई जाए।
कांग्रेस ने यह भी मांग की कि किसी भी मतदाता का नाम केवल आपत्ति या फार्म-7 के आधार पर न हटाया जाए। नाम हटाने से पहले संबंधित मतदाता को नोटिस, भौतिक सत्यापन और सुनवाई का पूरा अवसर दिया जाए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची की शुचिता और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता सीधे लोकतंत्र की विश्वसनीयता से जुड़ी है। पार्टी ने राष्ट्रपति से मामले में आवश्यक संवैधानिक और विधिक कार्रवाई की मांग की।

